poem on feeling
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#57 एहसास

लफ्जों का दौर बीत गया, रह गया एहसास, छोंड भविष्य की अविरल चिन्ता, और करिये इक एहसास । बिना धूल की धूप का, बिन पहिए की रोड का, बिना आफिस…

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Delhi Riots
Delhi Dange February 2020

#54 दिल्ली दंगा

काश्मीर से हटी क्या धारा तीन सौ सत्तर, भडकाकर लोगों को दिल्ली पर बरसा दिया पत्थर, जमाना बेबाक निष्ठुर ढंग से देखता रह गया, और जमाने ने जमाने को आइना…

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#12-एक कदम

दे दिया एक कदम दुनिया भर को, अगर है दम तो बढ के दिखा एक कदम, राहों में बिछ गयी राहें खुल गए कई चौराहे, निकाल ले तू अपने लिये…

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Bakhani Hindi Poems

#11-एक तरकीब

मोड कितने आते हैं राह में, हैं कितनें चौराहे, हर जगह संभलना सीखें, न जाएं जिधर मन चाहे। राह चुनने की सीखो तरकीब, है यह बडी अजीब, साधो उडती भावनाओं को,…

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#9-खयाली पुलाव

खयाली पुलाव तो ऐसे पकते, जैसे बीरवल की खिचडी, मन में आई बात जो ठहरी, साफ दिखे हो खुली सी खिडकी। मन के उस एक झरोंखे से, निकले वो किरणें…

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