#64 बुंदेलखंड की गाथा- कविता की पिरामिड विधा

#64 बुंदेलखंड की गाथा- कविता की पिरामिड विधा

ये
जो है
दिखता
फैला यहाँ
बुंदेल खंड
गढ़ता दरश
कहानियां अखंड
सुनने को मिलती है
गौरव  गाथा  चौ तरफा
आज़ादी  की  पहली लड़ाई
हिला डाला उन गोरों को
फैली चौतरफा ऐसे
चपल दौड़े जैसे
पूरा देश एक
बुंदेलखंड
अगुवाई
करता
जग
की।
ये
झाँसी
की रानी
लोहा लेती
सुनी कहानी
है लहू खौलता
सुन गौरव गाथा
ऊँचा  सर  हर दम
हैं सिखाते माटी की पूज
देश  हित  करम  जो  करें
है करम बड़ा न दूजा
माटी पर बलिदानी
लिखे जग कहानी
पढ़े सुने बानी
जीत बखानी
सीखो जग
झाँसी की
रानी
से।

विवरण शब्द पिरामिड (Word pyramid)

एक ऐसी रचना जिसमें शब्दों की संख्या एक एक कर बढती है। शब्दों की गणना की जाती है न कि मात्रा की। संयुक्ताक्षर को एक शब्द माना जाता है। लघु एवं दीर्घ शब्द का अन्तर नहीं पडता अर्थात मात्रा भार का असर नहीं मात्र शब्द गणना की जाती है। प्रत्येक पंक्ति अपनी पूर्ववर्ती पंक्ति से एक अधिक शब्द के साथ होती है। इस प्रकार वर्ड पिरामिड की रचना की जाती है।


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Hindi Kavita on bundel khand in word pyramid nature

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manjeet
manjeet
1 year ago

Great thoughts. Bundelkhand is the area covering different districts of Uttar Pradesh and madhya pradesh. The environment is different from other places. The gaurav Gatha of bundelkhand is pointed at indian history.

jk namdeo

मैं समझ से परे। एकान्त वासी, अनुरागी, ऐकाकी जीवन, जिज्ञासी, मैं समझ से परे। दूजों संग संकोची, पर विश्वासी, कटु वचन संग, मृदुभाषी, मैं समझ से परे। भोगी विलासी, इक सन्यासी, परहित की रखता, इक मंसा सी मैं समझ से परे।