Polling Bakhani
Polling Bakhani Hindi Poem
दौड़ रही है साइकिल,
हांथी भी टक्कर में आगे है,
रेस में कहीं पंजा दिखता,
कमल भी सरपट भागे है,
देखना है जनमत की इस,
कुर्सी में किसकी थाती है,
देखना है आखिर में किसकी,
कितनी चौड़ी छाती है,
एक एक मत जन मानस का,
कैद हुआ है कल* में आज,
जनमत संग्रह उसका है,
मतदाता जिसका साथी है।
(* यहाँ कल का तात्पर्य मशीन है, इसके अतिरिक्त कल भविष्य को भी इंगित करता है ।)
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