#12-एक कदम

#12-एक कदम

दे दिया एक कदम दुनिया भर को,
अगर है दम तो बढ के दिखा एक कदम,
राहों में बिछ गयी राहें खुल गए कई चौराहे,
निकाल ले तू अपने लिये नई राहे हर दम।

दुनिया में थे जब चन्द्र शेखर भगत,
लोग थे उनकी भी आलोचना करते,
अरे छोडा न बापू महात्मा को भी,
आज करते हैं पूजा जिनकी सभी।

करते हैं जिनकी सभी चरण बंदगी,
उस समय वो भी लडते दिखे,
देते दुनिया को बस बढ आगे एक कदम,
दुनिया चलती मिला कदम से कदम।

लोग दिखते हैं खीचते एक दूजे के कदम,
पर न मिलते दिखे कदम से कदम,
सामने कहते पीछे मुकर जाते अपने वादों से,
समाज सेवी है जो पीछे रहते कदम।

आज जरूरत है उनके आगे बढ आगे चलने की,
फिर क्यों है पीछे दुनिया में हम,
दिखा दो दुनिया के एक कदम से भी आगे,
बढने का है हम में पूरा दम।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


एक कदम- हिंदी कविता

इस कविता के माध्यम से एक संदेश देने का प्रयास किया गया है कि इस दुनिया को यदि एक कदम का इंतजार है तो वह दे दिया गया है अगर दुनिया में दम है उस कदम में कदम मिला कर आगे बढे।

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jk namdeo

मैं समझ से परे। एकान्त वासी, अनुरागी, ऐकाकी जीवन, जिज्ञासी, मैं समझ से परे। दूजों संग संकोची, पर विश्वासी, कटु वचन संग, मृदुभाषी, मैं समझ से परे। भोगी विलासी, इक सन्यासी, परहित की रखता, इक मंसा सी मैं समझ से परे।