#57 एहसास
poem on feeling

#57 एहसास

लफ्जों का दौर बीत गया, रह गया एहसास, छोंड भविष्य की अविरल चिन्ता, और करिये इक एहसास । बिना धूल की धूप का, बिन पहिए की रोड का, बिना आफिस…

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#3-बखानी-एक परिचय
the introduction of bakhani

#3-बखानी-एक परिचय

बखानी संग्रह उन बातों का, जिन बातों को सब जानते हैं, अच्छा बुरा पहचानते हैं, फिर भी बातें नहीं मानते हैं। सुननेे में अच्छी लगती हैं, अनुसरण करनें को लगती…

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