bakhani_hindi_poems
Bakhani Hindi Poems

#11-एक तरकीब

मोड कितने आते हैं राह में, हैं कितनें चौराहे, हर जगह संभलना सीखें, न जाएं जिधर मन चाहे। राह चुनने की सीखो तरकीब, है यह बडी अजीब, साधो उडती भावनाओं को,…

Continue Reading#11-एक तरकीब
poem on savan for nature
poem on savan for nature

#10-शरद बखानी

पानी सरपत से सरकत जाए रे। ठंडी हवा का झोंका रोंवा कंपकंपाए रे, पानी सरपत से सरकत जाए रे। दूर तलक देखो कोई आश नहींं है, सूखा सा पडा है…

Continue Reading#10-शरद बखानी

#9-खयाली पुलाव

खयाली पुलाव तो ऐसे पकते, जैसे बीरवल की खिचडी, मन में आई बात जो ठहरी, साफ दिखे हो खुली सी खिडकी। मन के उस एक झरोंखे से, निकले वो किरणें…

Continue Reading#9-खयाली पुलाव
poem on desire
dil ke armaan a hindi poem on desire

#7- अरमान

हम तो तनहा दूर ही थे तुमसे, बस दिल में पास आने के अरमान जागे तो थे, रह गए इतने पीछे हम वक़्त, बेवक़्त  कदम मिलाने को भागे तो थे।…

Continue Reading#7- अरमान