Skip to main content

Bakhani

Bakhani Posts

#16-गुण्डागर्दी की तमन्ना

गुण्डागर्दी की तमन्ना,
अब हमारे दिल में है,
मारना बस मारना है,
खर्चा उनके बिल में है।
वो पैसे देंगे हम मारेंगे,
नहीं रुकेंगे हाँथ हमारे,
नाम होगा देश में तब,
खर्चा देंगे वो सारे।

बीरप्पन जैसे अनेक,
जो नेताओं को तारें,
लालच बस ये होते हैं,
उनके किस्मत के तारे।
देश में आतंक मचाना,
बस इतना ही आता,
पैसा देता यह नेता,
यही राजनीति सिखाता।

राजनीति की चंगुल में,
ये फंस इस कदर जाते,
एक बार पैर जमनें पर,
ये नहीं कभी उबर पाते,
बस मारते हैं मारते,
और मारते रह जाते।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


हिंदी कविता गुण्डा गर्दी की तमन्ना

इन पंक्तियों के माध्यम से एक दर्पण रख कर प्रतविम्ब को दर्शाने का प्रयत्न किया गया है। देश की युवा पीढी गलत आदर्श मन में रख कर गलत राह में निकलनें को नहीं हिचकती। परन्तु यही पंक्तियाँ समाज की सच्चाई को उजागर करती हैं। समाज इस सच्चाई को झुठला नहीं सकता। सामाजिक सराबोरता इन पंक्तियों को पूरी तरह से बल देती प्रतीत होती है। सामाजिक मतभेद व राजनैतिक लाभ इस प्रकार की प्रवृत्ति को पूर्ण रूप से सहारा देती हैं।

Hindi Poem on Gundagardi

Poem on gundagardi in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on Gundagardi

Kavita on gundagardi in hindi

Leave a Comment

#15-हमारी आश

राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है।

जमाने के शिले नें हमें यूँ हि भटकता छोड दिया,
दो वक्त की रोटी को यूँ हि तरसता छोड दिया,
कभी खाए कभी न खाए भूखे पेट यूँ हि,
पर रोज हमनें भूखों की महफिलें लगाई है,
राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है।

जमाना हमें देख कर यूँ हि विचकता दिखता है,
पास जब हम जाते हैं तो वो थिरकता दिखता है,
हाँथ में देख कर कटोरा यूँ धुत्कारता है हमे,
जैसे उसकी हमसे जन्मों जन्मों की लडाई है,
राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है।

आश पर विश्वास की जो जंग सी चलती रहती,
पेट की वो भूख मिटाने को जंग जो चलती रहती,
दिखते देते हर पल यूँ हि हमको सलाह इस दुनिया में,
पर वास्तव में यह हमारे इम्तिहान की अंगडाई है,
राह से गुजरते हर राहगीर से हमनें आश लगाई है।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


हिंदी कविता

देश में गरीबी भुखमरी और लाचारी हमेसा से ही रही है। इसका आंकलन कभी भी किसी सरकार नें व्यापक रूप से सुधार हेतु नहीं किया सिवाए अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकने के।

Hindi Poem on My hope

Poem on My hope in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on My hope

Kavita on My hope in hindi

Leave a Comment

#14-क्यों न लगें बोझ बेटियाँ

माँ बाप की लाडली बेटी,
समझदार जब थोडी होती,
दुनियादारी बोझ सर ले,
दुनिया को कंधों पे ढोती,
आज का ये समाज सातिर,
खुल के नहीं जीने देता,
ढाई आखर प्रेम शबद की,
डाल देता है बेडियाँ,
मजबूर जो भूत में थी,
आज भी मजबूर दिखें,
इक माँ-बाप नें जो देखी,
राह खडी मजबूर बेटियाँ,
क्यों न लगें बोझ बेटियाँ।

वित्ते भर की जिन्दगी में
दो अंगुल का सुख,
खेलते सब भावों से,
माँ बाप का प्रेम हासिया,
बस लगती सच्ची दुनिया,
सच्चा झूठा कुछ न जानें,
यूँ बीत गईं कई शदियाँ,
आन-मान सब ताक पे रखें,
खुले आम खेले अठखेलियाँ,
संस्कारों को नकाब से ढक,
राह चली जों देखी बेटियाँ,
कर तुलना अपनी बेटी की,
सोंचे जैसी उनकी बेटियाँ,
क्यों न लगें बोझ बेटियाँ।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


Hindi Poem on beti ek bojh

Poem on beti ek bojh in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on beti ek bojh

Kavita on beti ek bojh in hindi

 

Leave a Comment

#13-ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूं

ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूं।
हरियाली मैं तुझे संजोऊँ।

पीढी दर पीढी घटती जाए,
मूढ कहे तू काम न आए,
वो अज्ञानी तुझे मिटाए,
अकेला समझाऊँ समझ न आए,
मत बिसरो ऐ दुनिया,
यही हरियाली प्राण बचाए।

काट-काट हरियाली इस जग में,
मत पहुंचाओ प्रकृति नुकशान,
सब एक साथ मिलकर यह बोलो,
हाँथ बढाऊँ तुझे बचाऊँ,
हरियाली मैं तुझे संजोऊँ,
ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूँ।

न मानोगे तो बात इक सुन लो,
विनाश भविष्य का होगा,
बच्चों के बच्चे पूछेंगे,
ऐ तात् यह प्रकृति क्या थी,
जो सब कहते थे क्या वो सुनती थी,
जब जिद वो करेंगे हरियाली हमें दिखाओ,

उस पल के लिए इस पल में,
हरियाली मैं तुझे संजोऊँ,
ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूँ।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


nature par hindi kavita

 

Hindi Poem on save nature

Poem on save nature in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on save nature

Kavita on save nature in hindi

Leave a Comment

#12-एक कदम

दे दिया एक कदम दुनिया भर को,
अगर है दम तो बढ के दिखा एक कदम,
राहों में बिछ गयी राहें खुल गए कई चौराहे,
निकाल ले तू अपने लिये नई राहे हर दम।

दुनिया में थे जब चन्द्र शेखर भगत,
लोग थे उनकी भी आलोचना करते,
अरे छोडा न बापू महात्मा को भी,
आज करते हैं पूजा जिनकी सभी।

करते हैं जिनकी सभी चरण बंदगी,
उस समय वो भी लडते दिखे,
देते दुनिया को बस बढ आगे एक कदम,
दुनिया चलती मिला कदम से कदम।

लोग दिखते हैं खीचते एक दूजे के कदम,
पर न मिलते दिखे कदम से कदम,
सामने कहते पीछे मुकर जाते अपने वादों से,
समाज सेवी है जो पीछे रहते कदम।

आज जरूरत है उनके आगे बढ आगे चलने की,
फिर क्यों है पीछे दुनिया में हम,
दिखा दो दुनिया के एक कदम से भी आगे,
बढने का है हम में पूरा दम।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


एक कदम- हिंदी कविता

इस कविता के माध्यम से एक संदेश देने का प्रयास किया गया है कि इस दुनिया को यदि एक कदम का इंतजार है तो वह दे दिया गया है अगर दुनिया में दम है उस कदम में कदम मिला कर आगे बढे।

Hindi Poem on step

Poem on step in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on step

Kavita on step in hindi

Leave a Comment