poem on hindustan
hindustan india bharat

#4-क्या-हम-आजाद-हैं

देश हुआ आजाद हुए अब, हो गए हैं दिन इतने, जो सच पूछो तो दिल से बोलो, आजाद रहे तुम दिन कितने, पहले था अंग्रेज का शासन, कर लगता था…

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bakhani hindi kavita
the introduction of bakhani

#3-बखानी-एक परिचय

बखानी संग्रह उन बातों का, जिन बातों को सब जानते हैं, अच्छा बुरा पहचानते हैं, फिर भी बातें नहीं मानते हैं। सुननेे में अच्छी लगती हैं, अनुसरण करनें को लगती…

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ashant pakshi
मन अशान्त पक्षी का कलरव

#2-मन अशांत पक्षी का कलरव।

मन अशांत पक्षी का कलरव। पतझड़ फैला फूला शेमल, हलचल फैली फुदक गिलहरी, कोयल कूके गीत सुहाना, देख अचंभित प्रकृति का रव , मन अशांत पक्षी का कलरव। फूल सुशोभित…

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mother
maa beta

#1–मा

मा बोले बेटे से :- उठ बेटा दुनिया देख, दुनिया देख रही तुझको,मत जा ज्यादा दूर मा से, ममता कह रही तुझको । बात-बात मे गुस्सा करके, बेटा युं तेवर दिखलाये,ममता…

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