#30-शांत तो अच्छे

goodness

हंसते रहो तो तुम अच्छे
जो बोल दिया तो जग रूठेगा
चुप सहते रहो तो तुम अच्छे,
कुछ बोल दिया तो जग रूठेगा।
सत्य राह चलो कितना भी तुम,
मूक बने सहो कितना भी,
सह कर अपना अपमान जग में,
दूजों का सम्मान करो कितना भी,
अच्छे नहीं तुम गंदे हो जो,
मुख से आह बोल दिया,
इंसाफ के तराजू से खुद को
और उनको जो तोल दिया,
तोल दिया हर पल जो तुमनें,
जान लो जग रूठेगा,
जग रूठेगा साथ छूटेगा,
दुनिया में आशा और विश्वास टूटेगा,
गर दिखाया चेहरा उदास शान्त,
तो उन्नत का आश टूटेगा।
हंसते रहो तो तुम अच्छे,
जो बोल दिया तो जग रूठेगा।


–>सम्पूर्ण कविता सूची<–


Hindi Poem on Goodness

Poem on Goodness in hindi

Facebook link

बखानी हिन्दी कविता के फेसबुक पेज को पसंद और अनुसरण (Like and follow) जरूर करें । इसके लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें-

Bakhani, मेरे दिल की आवाज – मेरी कलम collection of Hindi Kavita

Youtube chanel link

Like and subscribe Youtube Chanel

Bakhani hindi kavita मेरे दिल की आवाज मेरी कलम

Hindi Kavita on Goodness

Kavita on goodness in hindi

Keep visiting, liking and share poems…

शांत तो अच्छे एक हिंदी कविता

इस हिंदी कविता के माध्यम से मनुष्य की प्रकृति की व्याख्या करनें का एक प्रयास किया गया है। यदि किसी की बातें सुन कर अनसुनी कर दो तो तुम अच्छे हो पर वही बात अगर किसी ऐसे व्यक्ति से कह दो जो बातों को अनसुनी नहीं करता या फिर ये कहें कि तारतम्य नहीं बैठाता तो उसके लिए आप बुरे ही नहीं बहुत बुरे बन जाते हो।

Total Page Visits: 1108 - Today Page Visits: 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get 30% off your first purchase

X