#36-बेरोजगारी

बेरोजगारी का यह आलम, दुनिया का हर कोना है,पढो लिखो फिर दर दर भटको युवाओं का यह रोना है ।राजस्व वसूली अच्छी खासी सिस्टम में यह चूक है,रोजगार स्वरोजगार छलावा…

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#35-जीवन संघर्ष

कहते हैं कहने वाले कि, जीवन को संघर्ष न मानो, बहुत कुछ कर सकते हो, तुम अपने को पहचानो,पहचानूं भला कैसे अपने को, कुछ सुझाया नहीं मुझे,क्या क्या कर सकता…

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#33-पुलिस क्या है

पुलिस वह है जो हर जरूरत मंद के साथ खडी है परिस्थिति चाहे जैसी भी हो अपनी बात पे अडी है, बडे से बडा अधिकारी हो या छोटा कर्मचारी, खुद…

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poem on savan for nature
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#32-मंजिल क्या है

ऐ पवन ! ठहर जरा, बता तेरी मंजिल क्या है? क्या तू कभी सोंचता है, तेरे भाग्य लिखा क्या है? ऐ सूरज! तू ठहर जरा, क्यों बार-बार गुजरता है तेरी…

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