http://www.usalistingdirectory.com/index.php?list=latest siteswebdirectory.com Software Directory eTaaps Directory USGeo Web Directory Top Online Security Product Review Platform Bakhani: A Hindi Literature

Bakhani Hindi Poem

Bakhani is a plateform for different types of poems.

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  • गौरैया:The Sparrow

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    सुन गौरैया वर्षों पहले
    मेरा आंगन महकाती थी,
    मेरा बचपन फुदक तेरे संग,
    उछल कूद सिखाती थी,
    डालूं दाना आंगन में जितने,
    तू आ के चुंग जाती थी,
    मेरे आंगन का पेड सुनहरा,
    .................
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  • बेटी एक बोझ

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    वित्ते भर की जिन्दगी में, दो अंगुल का सुख, खेलते भावों से,

    माँ बाप का प्रेम हासिया, लगती है सच्ची दुनिया,.....
    सच्चा झूठा कुछ न जानें, बीत गईं कई शदियाँ,
    आन-मान सब ताक पे रखें, खुले आम खेले अठखेलियाँ,
    संस्कारों को नकाब से ढक, राह चली जों देखी बेटियाँ,
    कर तुलना अपनी बेटी की, सोंचे जैसी उनकी बेटियाँ,
    क्यों न लगें बोझ बेटियाँ। .........
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  • माँ-बेटा

    बात बात में गुस्सा करके, बेटा यूँ तेवर दिखलाए,
    ममता से ओत प्रोत माँ, ममता के जेवर पहनाए।
    चन्द पक्तिं की तालीम पा कर, बेटे माँओं को ठुकराए,
    माँ तो वह है जो सबसे पहले, उंगली थाम चलना सिखलाए।
    प्रथम पाठशाला की शिक्षा, बेटे यूँ ही भूल जाएं,
    पर माँ है वह एक जो, कदम कदम पर थमना सिखलाए,
    याद करो बचपन ए बेटो, माँ की आँचल में छुप जाते,
    करी शरारत या फिर गलती, तोतली बानी माँ को बतलाते।
    .........
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  • मन अशांत पंक्षी का कलरव

    मन अशांत पक्षी का कलरव,
    पतझड फैला फूला शेमल, हलचल फैली फुदक गिलहरी,
    कोयल कूके गीत सुहाना, देख अचंफित प्रकृति का रव,
    मन अशांत पक्षी का कलरव।
    फूल शुशोभित भाँति वृक्ष में, मृदु सुगंध फैली चौतरफा,
    खुले तले इस नील गगन के, भ्रमर भटक पर पाए न रव,
    मन अशांत पंक्षी का कलरव।
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  • ऐ प्रकृति मैं तुझे संभालूँ

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    बच्चों के बच्चे पूँछेंगे,
    ऐ तात् यह प्रकृति क्या थी,
    जो सब कहते थे क्या वो सुनती थी,
    जब जिद बो करेंगे हरियाली हमें दिखाओ,
    उस पल के लिए इस पल में,
    हरियाली में तुझे संजोऊँ,
    .........
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Bakhani is a collection of Hindi Poems. Actually Bakhani is dedicated to my Parents, Mr. R.K.Namdeo and Mrs. Jayrani Namdeo. Also Bakhani is dedicated to Hindi Literature. The literature is a broad area to share thoughts and ideas. English and Hindi literature both are serving as medium from ancient time to modern. As in English literature there were so many creations we ever know, also same in hindi. As Ramayana, Mahabharata, Vedas, Puranas and other epics from Hindi literature.

Bakhani is just a try to share my thoughts to the world. Bakhani covers various field of life, and it covers various thoughts of the world. whatever someone thinks to say, Bakhani is a medium saying clearly without any hazitation.

बखानी हिन्दी कविताओं का संग्रह है। वास्तव में बखानी मेरे माता-पिता श्री राजकिशेर नामदेव एवं श्रीमती जयरानी नामदेव को समर्पित है। बखानी हिन्दी साहित्य को भी समर्पित है। साहित्य सोंच एवं विचार को प्रकट करनें का विस्तृत स्थान है। अंग्रेजी एवं हिन्दी दोनें माध्यमों का प्रयोग साहित्य के रूप में प्रोचीन काल से अब तक विचोरों को प्रकट करनें के लिए किया जा रहा है। जैसा कि हम अंग्रेजी एवं हिन्दी के विभिन्न साहित्यों के बारे में जानते हैं। यदि हिन्दी साहित्य की बात करें तो रामायण, महाभारत, वेद, पुराण, एवं अन्य ग्रन्थ उपलब्ध हैं। ऐसे ही अंग्रेजी साहित्य में भी।

बखानी दुनिया के सम्मुख अबने विचारों को प्रस्तुत करनें का एक प्रयास है। बखानी जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को स्पर्श करता है।

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बखानी एक परिचय

बखानी संग्रह उन बातों का,
जिन बातों को सब जानते हैं,
अच्छा बुरा पहचानते हैं,
फिर भी बातें नहीं मानते हैं।

सुननेे में अच्छी लगती हैं,
अनुसरण करनें को लगती हैं,
पर देख जमाना करते हैं,
दिल की करनें में डरते हैं।

डरते हैं “वो क्या कहेंगे”,
अपने दिल की कब करेंगे
मान के अपने दिल की देखो,
लोग “मिशाल” बतलाते हैं।

साफ स्वच्छ यह आइना है,
सब सम्मुख ही दिखलाता है,
करी शरारत या कोई गलती,
शर-ए-आम बतलाता है।

यदि चाहोगे आगे बढना,
खुली राह दिखलाता है,
यह मनचित्र का संग्रह है,
बखानी जीवन तथ्यों का संग्रह है।

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Bakhani: A plateform for defining Style from Red carpet of Hollywood and Bollywood to public. By Jitendra Kumar Namdeo


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