poem on desire
dil ke armaan a hindi poem on desire

#7- अरमान

हम तो तनहा दूर ही थे तुमसे, बस दिल में पास आने के अरमान जागे तो थे, रह गए इतने पीछे हम वक़्त, बेवक़्त  कदम मिलाने को भागे तो थे।…

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Bakhani Hindi Poems

#5-विज्ञान – एक अभिशाप

दुनिया में रहनें वालों ने, मौत की सेज सजाई, प्रतिदिन यह सेज सुन लो, लेती है अंगड़ाई। प्रति छण प्रति मानव, करे मौत से लड़ाई, दुनिया में रहनें वालों नें,…

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maa beta

#1–मा

Maa मा बोले बेटे से :- उठ बेटा दुनिया देख, दुनिया देख रही तुझको,मत जा ज्यादा दूर मा से, ममता कह रही तुझको । बात-बात मे गुस्सा करके, बेटा युं…

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