Hindi Poem on corona palayan in india
hind poem on palayan in india

#58 पलायन

पलायन आशियाना संभालनें,आशियाना छोंड कर निकले,फैली महामारी ऐसी! किआशियाने की ओर निकले ।जिस विज्ञान का गुरूर था!मेहनत का शुरूर था!व्यवस्था हो गई ऐसी,कि सब, नंगे पैर निकले ।दो वक्त की…

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