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मैं समझ से परे।
एकान्त वासी, अनुरागी,
ऐकाकी जीवन, जिज्ञासी,
मैं समझ से परे।
दूजों संग संकोची,
पर विश्वासी,
कटु वचन संग, मृदुभाषी,
मैं समझ से परे।
भोगी विलासी, इक सन्यासी,
परहित की रखता, इक मंसा सी
मैं समझ से परे।

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